पाकिस्तान की फ्लाइट में अचानक खुले ऑक्सीजन मास्क, हड़कंप मचने पर करानी पड़ी आपात लैंडिंग
लाहौर। पाकिस्तान की एक फ्लाइट में अचानक ऑक्सीजन मॉस्क खुलकर गिरने लगे। इसे देखकर यात्रियों में दहशत फैल गई और हड़कंप मच गया। जब हालात नहीं संभले तो विमान की आपात लैंडिंग सऊदी अरब में कराना पड़ी।जद्दा से लाहौर जा रही पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) की एक फ्लाइट में तकनीकी खराबी का अलर्ट मिला। इस घटना से विमान में सवार यात्रियों में भारी दहशत फैल गई। पीआईए के प्रवक्ता के मुताबिक, फ्लाइट पीके-860 तय कार्यक्रम के अनुसार रात 8 बजे लाहौर पहुंचने वाली थी, लेकिन तकनीकी समस्या सामने आने के बाद विमान को दमाम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। विमान में 381 यात्री सवार थे, जिनमें बड़ी संख्या में उमराह जायरीन भी शामिल थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, तकनीकी अलर्ट के बाद विमान में ऑक्सीजन मास्क अपने आप गिर गए, जिससे यात्रियों में घबराहट और अफरातफरी मच गई। हालांकि, पायलट और क्रू ने स्थिति को संभालते हुए सुरक्षित लैंडिंग कराई। रिपोर्ट में यह भी याद दिलाया गया कि पिछले महीने पीआईए की एक अन्य फ्लाइट पीके-859 (लाहौर से जेद्दा) को भी उड़ान के दौरान डायवर्ट कर कराची एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा था, क्योंकि फर्स्ट ऑफिसर की विंडशील्ड में दरार आ गई थी। इतना ही नहीं, इस साल मार्च में पीआईए की एक घरेलू फ्लाइट पीके-306 लाहौर में उस हालत में उतरी थी, जब उसके लैंडिंग गियर का एक पहिया गायब पाया गया। हैरानी की बात यह रही कि जांच के बावजूद उस पहिए का कोई सुराग नहीं मिला। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने पीआईए की तकनीकी देखरेख और यात्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम: Indian National Congress का पीएम पर हमला, सर्वदलीय बैठक की मांग
Saurabh Bharadwaj का बयान—“राज्यसभा सांसद बने इसलिए हुई शादी”, Raghav Chadha पर निशाना
अमेरिका-ईरान तनाव का असर: 60% तक बढ़ी तारकोल की कीमत, सड़क निर्माण प्रभावित
Rajnath Singh-चीन रक्षा मंत्री की बिश्केक में मुलाकात, रिश्तों में नरमी के संकेत
पूर्वोत्तर में खेलों को बढ़ावा, दो राज्यों में खुलीं नई क्रिकेट अकादमियां
बंगाल-तमिलनाडु में BJP की अग्निपरीक्षा, नए प्लान से जड़ें मजबूत करने की तैयारी
5 दिन में डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे केदारनाथ धाम
मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला, शिक्षा और सड़क दोनों पर फोकस