छत्तीसगढ़ में पोलियो उन्मूलन अभियान शुरू, 23 दिसंबर तक चलेगा अभियान
रायपुर। छत्तीसगढ़ पोलियो उन्मूलन अभियान की आज से पूरे प्रदेश में औपचारिक शुरुआत हो गई है। यह अभियान 23 दिसंबर तक चलाया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य को पोलियो मुक्त बनाए रखना और शून्य से 5 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाना है। स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो ड्रॉप्स से वंचित न रह जाए।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अभियान के पहले चरण में प्रदेशभर में स्थापित बूथों पर बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई जा रही हैं। इसके बाद 22 और 23 दिसंबर को विशेष अभियान चलाकर घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी। इस कार्य के लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों की टीमें गठित की गई हैं, जो शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम करेंगी।
छत्तीसगढ़ पोलियो उन्मूलन अभियान के तहत बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, हाट-बाजार, मेलों और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर भी पोलियो बूथ लगाए गए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा कर रहे बच्चों को भी समय पर पोलियो ड्रॉप्स मिल सकें और कोई भी बच्चा अभियान से छूट न जाए।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि पूरे अभियान के दौरान विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। प्रत्येक टीम को अपने निर्धारित क्षेत्र में शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से पोलियो ड्रॉप्स पिलाएं और छत्तीसगढ़ पोलियो उन्मूलन अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।

राशिफल 29 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण