मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बैतूल में मेडिकल कॉलेज स्थापना के लिए विधायकगण ने माना आभार
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बैतूल विधायक तथा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में बैतूल जिले के विधायकों ने भेंट कर बैतूल को मेडिकल कॉलेज तथा अन्य सौगातें देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार माना। मुख्यमंत्री निवास पर हुई भेंट में विधायक सर्वमहेंद्र सिंह चौहान, डॉ. योगेश पंडाग्रे, चंद्रशेखर देशमुख तथा श्रीमती गंगाबाई उईके मौजूद रहीं।
विधायकों ने कहा कि जनजातीय और ग्रामीण बहुल बैतूल जिले में मेडिकल कॉलेज खुलने से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्र के मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा जिले में ही मिल सकेगी। इससे स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार हो सकेगा। पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना से क्षेत्र के विद्यार्थियों को मेडिकल की पढ़ाई में भी सुविधा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा बैतूल जिले के कोसमी क्षेत्र में पीपीपी मोड पर आरंभ हो रहे मेडिकल कॉलेज का 23 दिसम्बर को भूमि-पूजन करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विधायकों ने सारणी के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में लगभग 12 हजार करोड़ रुपए की लागत की 660 मेगावाट यूनिट इकाई की स्थापना की वर्षों पुरानी मांग स्वीकृत करने, भीमपुर में 100 बिस्तरीय अस्पताल और चिचोली में 50 बिस्तरीय अस्पताल की स्वीकृति देने के लिए भी आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से घोड़ाडोंगरी विधायक श्रीमती गंगा बाई उईके ने चोपना क्षेत्र के परिवारों के पट्टों के प्रकरणों के निराकरण के संबंध में भी अनुरोध किया।

राशिफल 29 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण