अंबिकापुर में अमेरा कोल खदान बवाल...150 ग्रामीणों पर FIR, तनाव बरकरार
Ambikapur News: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले की अमेरा कोल खदान में हुआ हंगामा अब बड़ा मुद्दा बन गया है। खदान के विस्तार का विरोध कर रहे ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। ताजा जानकारी के अनुसार पुलिस ने 150 ग्रामीणों के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिनमें 55 से ज्यादा नामजद हैं। इन ग्रामीणों पर शासकीय कार्य में बाधा, सरकारी संपत्ति को नुकसान, हत्या के प्रयास और भीड़ हिंसा जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
घटना 3 दिसंबर 2025 की है, जब अमेरा कोल माइंस के विस्तार का विरोध करते हुए ग्रामीण प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस के समझाने पर भी प्रदर्शनकारियों का गुस्सा भड़क गया और भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर लाठी, डंडे, पत्थर और गुलेल से हमला कर दिया। इस हमले में ASP, SDOP सहित कुल 39 पुलिस अधिकारी और जवान घायल हो गए। इसके बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। पथराव बढ़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि ओपन कास्ट अमेरा कोल खदान का विस्तार परसोडीकला की ओर किया जा रहा है, जिसका वे कड़ा विरोध कर रहे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि वे अपनी जमीन नहीं देंगे—न नौकरी चाहिए, न मुआवजा। उनका दावा है कि जमीन ही उनकी असली संपत्ति है और इसे बचाने के लिए आंदोलन जारी रहेगा।

स्व-सहायता समूह से जुड़कर बदली जिंदगी की तस्वीर
मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी लक्ष्य 78 से बढ़कर 100 लाख मीट्रिक टन हुआ
माताओं-बहनों को सर्वोपरि रखने की है हमारी संस्कृति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
"नारी शक्ति वंदन अधिनियम" पर गरमाई सियासत: विधायक ललिता यादव का विपक्ष पर तीखा प्रहार
भोपाल मंडल में पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम का सफल आयोजन
बिना वैध अनुमति इलाज कर रहे 32 पाकिस्तानी डॉक्टर, जांच तेज
सुभेंदु सरकार का आरोप: TMC कार्यकर्ताओं ने किया हमला, कार में तोड़फोड़
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से शिक्षकों को राहत, राज्य सरकार की अपील खारिज
बंगाल में वोटिंग बनी रणभूमि: कहीं बमबाजी, कहीं मारपीट—जानें किन इलाकों में भड़की हिंसा
मल्लिकार्जुन खरगे पर BJP सांसद का विवादित बयान, कहा- इलाज करवाओ