सिविल जज परीक्षा 2022 का रिजल्ट फिर से जारी करने की मांग, हाईकोर्ट ने जताई चिंता!
Civil Judge Exam 2022: मध्य प्रदेश में सिविल जज परीक्षा 2022 का रिजल्ट फिर से जारी किया जाएगा. ये आदेश मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दिया है. भर्ती में 121 पद खाली रह गए और एक भी ST अभ्यर्ती का चयन नहीं हुआ. जिसको लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने गंभीर चिंता जाहिर की है. याचिकाकर्ता की मांग पर हाई कोर्ट ने संशोधित सूची जारी करने का आदेश दिया है.
‘SC-ST उम्मीदवारों की कट ऑफ में छूट दी जाए’
हाई कोर्ट ने आरक्षित पदों के बेहद कम चयन पर गंभीरता जताई है. कोर्ट ने कहा है कि इस परिणाम में संशोधन की जरूरत है. कोर्ट ने फैसले में निर्देश दिया है कि SC और ST उम्मीदवारों के लिए कट-ऑफ अंक में छूट दी जाए. कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि SC के लिए न्यूनतम अंक 45% और ST के लिए न्यूनतम अंक 40% तय किए जाएं. साथ ही इंटरव्यू में भी न्यूनतम 20 अकों की राहत दी जाए.
अगली सुनवाई में संशोधित सूची पेश करने के आदेश
मामले में याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने अदालत में कहा कि परीक्षा में आरक्षण नीति का सही ढंग से पालन नहीं किया गया है. न्यूनतम योग्यता में छूट ना देना भेदभाव को दिखाता है. एससी और एसटी अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में आरक्षण नीति के हिसाब से कम नंबर दिए गए.
वहीं हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई पर संशोधित सूची पेश करने के लिए कहा है. वहीं हाई कोर्ट के आदेश के बाद एससी और एसटी अभ्यर्थियों को राहत मिली है.
12 नवंबर को जारी हुआ था रिजल्ट
मध्य प्रदेश सिविल जज, जूनियर डिवीजन (एंट्री लेवल) परीक्षा 2022 का परिणाम 12 नवंबर को जारी हुआ था. जिसमें इंदौर की भामिनी राठी ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है. रिटर्न और इंटरव्यू मिलाकर उन्हें कुल 450 में से 291.83 अंक प्राप्त हुए हैं.

फूलों की खुशबू से महकी किस्मत ईश्वरचरण पैकरा का
मध्यप्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला को पेरिस में मिलेगा वैश्विक मंच
सिलफिली की मालती बनीं ‘लखपति दीदी‘, अपने साथ-साथ 14 महिलाओं को दिया रोजगार
राज्यपाल डेका ने खैरागढ़ विश्वविद्यालय की नई बस को दिखाई हरी झंडी
एमपी बोर्ड परीक्षाओं में सांदीपनि विद्यालयों के 58 विद्यार्थी मेरिट में
MP में किसानों के लिए बड़ा फैसला: अब खराब गेहूं भी खरीदेगी सरकार
नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने पेड नेगेटिव PR पर जताई चिंता, बोले— “ये क्रिएटिविटी के लिए बुरा समय”