महतारी वंदन योजना: लैपटॉप से लेकर लोकसेवा केन्द्र तक, रानी श्रीवास ने दिखाई आत्मनिर्भरता की राह
रायपुर : प्रदेश सरकार की फ्लैगशिप महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में बदलाव की नई इबारत लिख रही है। इस योजना ने प्रदेश की कई महिलाओं को न सिर्फ आर्थिक सहयोग दिया है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी दी है। ऐसी ही एक प्रेरणास्पद कहानी है, मुंगेली विकासखण्ड के ग्राम बांकी की रानी श्रीवास की, जिन्होंने इस योजना की सहायता से अपने लिए एक नई पहचान गढ़ी है। रानी श्रीवास एक साधारण ग्रामीण महिला हैं, जो सात सदस्यीय संयुक्त परिवार का हिस्सा हैं। कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और महतारी वंदन योजना से मिली राशि को एक अवसर में बदला। उन्होंने योजना से प्राप्त राशि से 26 हजार रूपए का लैपटॉप खरीदा, जिसकी किश्तें वे इसी योजना की सहायता से चुका रही हैं।
रानी श्रीवास ने श्री बुक स्टेशनरी एंड फोटोकॉपी सेंटर नाम से एक छोटा व्यवसाय शुरू किया, जिसमें वे ग्रामीणों को सरकारी व निजी फॉर्म भरने, दस्तावेजों की फोटोकॉपी, स्टेशनरी की बिक्री सहित लोकसेवा पोर्टल, स्कॉलरशिप आदि सुविधाएं गॉव में ही उपलब्ध करा रही हैं। इतना ही नहीं, रानी श्रीवास सिलाई कार्य में भी दक्ष हैं और इसका लाभ उठाकर प्रत्येक माह 06 हजार रूपए से 08 हजार रूपए की आय अर्जित कर रही हैं। उनकी यह आय उनके बच्चों की शिक्षा, परिवार की आवश्यकताओं और भविष्य की योजनाओं को गति दे रही है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि जब महिलाएँ सशक्त होती हैं, तो पूरा परिवार और समाज सशक्त होता है। रानी श्रीवास की कहानी यह स्पष्ट करती है, कि यदि सरकारी योजनाएं सही हाथों तक पहुँचें और उनका सदुपयोग किया जाए, तो वे जिंदगी बदल सकती हैं।

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