राखी बांधते समय बहनें 3 गांठ क्यों लगाती हैं? जानें रक्षाबंधन की पौराणिक परंपरा और पूजा विधि
रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत करने वाला एक खास त्योहार है. इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को आने वाला यह त्योहार पूरे भारत में धूमधाम से मनाया जाता है. रक्षाबंधन से जुड़ी कई परंपराएं और मान्यताएं हैं, जिनका पालन बहनें खास ध्यान से करती हैं. आपने देखा होगा कि राखी बांधते समय बहनें इसमें 3 गांठें लगाती हैं. आखिर ऐसा क्यों? क्या इन गांठों का कोई धार्मिक महत्व है? और पूजा की थाली में किन चीजों का होना जरूरी है ताकि विधि-विधान से यह पर्व मनाया जा सके? इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं
रक्षाबंधन 2025 की तारीख और शुभ मुहूर्त
2025 में रक्षाबंधन का त्योहार 9 अगस्त को मनाया जाएगा. ज्योतिष के मुताबिक, उस दिन का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:22 से 5:04 बजे तक रहेगा, अगर दिन में राखी बांधना है तो अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 12:53 तक सबसे अच्छा माना गया है. इसी दौरान अगर बहनें अपने भाई को राखी बांधेंगी तो उसका शुभ फल कई गुना बढ़ जाएगा.
पूजा की थाली में क्या होना चाहिए?
रक्षाबंधन की पूजा की थाली को बहुत ध्यान से तैयार किया जाता है. इसमें शामिल की जाने वाली हर चीज का अपना महत्व होता है. थाली में ये चीजें जरूर होनी चाहिए:
1. रोली और अक्षत (चावल) – तिलक के लिए
2. हल्दी – इसे शुभता का प्रतीक माना जाता है
3. नारियल – समृद्धि का संकेत
4. राखी – भाई की कलाई पर बांधने के लिए
5. दीपक – पूजा के समय जलाने के लिए
6. मिठाई – जैसे मावा से बनी मिठाई या खीर
माना जाता है कि इन चीजों के बिना रक्षाबंधन की पूजा अधूरी मानी जाती है. इसलिए थाली पूरी तरह सजी होनी चाहिए.
राखी में 3 गांठों का महत्व
राखी बांधते समय 3 गांठ लगाने की परंपरा काफी पुरानी है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन गांठों का सीधा संबंध त्रिदेव – ब्रह्मा, विष्णु और महेश से होता है.
1. पहली गांठ – भाई की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए
2. दूसरी गांठ – बहन की लंबी उम्र और सुख-शांति के लिए
3. तीसरी गांठ – भाई-बहन के रिश्ते में प्यार और मिठास बनाए रखने के लिए
कहा जाता है कि इन तीनों गांठों से बंधन और मजबूत होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. यही कारण है कि हर बहन राखी बांधते समय 3 गांठ लगाना शुभ मानती है.
त्योहार का महत्व
रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह भाई-बहन के रिश्ते की गहराई को दर्शाता है. यह पर्व हमें याद दिलाता है कि जीवन में रिश्तों का कितना महत्व है. बहनें भाई की रक्षा और सुख की कामना करती हैं, वहीं भाई भी बहन की खुशियों और सुरक्षा का वचन देते हैं.

NEET-UG पेपर लीक: मास्टरमाइंड शुभम की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ी, मनीषा वाघमारे की बेल पर 9 को फैसला
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े प्रदर्शनकारी: जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके की दोटूक- 'छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ मंजूर नहीं'
सीमा पर संगीत का संगम, अटारी बॉर्डर पर परफॉर्म करेंगे एआर रहमान
सिंगर नेहा कक्कड़ ने फैंस को दिखाई बर्थडे सेलिब्रेशन की खास झलक
राज्यसभा चुनाव: मप्र से बीजेपी उम्मीदवार तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल ने दाखिल किया नामांकन, सीएम मोहन यादव रहे मौजूद
अमेरिका में जासूसी केस पर बड़ा खुलासा, पत्रकार ने माना अपना दोष
आर्थिक मोर्चे पर भारत की ऊंची छलांग: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जीडीपी ग्रोथ को बताया मजबूत भारत का प्रतीक
तीन बच्चों समेत 4 लोगों की मौत, रीवा सिलेंडर ब्लास्ट से दहला इलाका
‘तलाक, तलाक, तलाक’ कहकर छोड़ा साथ, महिला ने न्याय की लगाई गुहार
सार्थक करेगा स्टूडेंट्स की उपस्थिति की निगरानी, नई व्यवस्था लागू