'सटीक सूचना, अचूक हमला' – अमित शाह ने ऑपरेशन सिंदूर को बताया सुरक्षा एजेंसियों की जीत
राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए अत्याधुनिक तकनीक से लैस मल्टी एजेंसी सेंटर (मैक) नए रूप में सामने आया है। गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नए मैक का उद्घाटन किया।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कही ये बात
अमित शाह ने ऑपरेशन सिंदूर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दृढ़ राजनीति इच्छा शक्ति के साथ ही खुफिया एजेंसियों की सटीक सूचना और तीनों सेनाओं की अचूक मारक क्षमता का प्रतीक बताया। उन्होंने माओवादियों के विरुद्ध ऐतिहासिक अभियान के दौरान सुरक्षा बलों के बीच समन्वय की भी प्रशंसा की।
अमित शाह के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) और मशीन लर्निंग से लैस मैक का नया नेटवर्क आतंकवाद, उग्रवाद, संगठित अपराध और साइबर हमलों जैसे गंभीर खतरों से निपटने में देश के प्रयासों को मजबूती प्रदान करेगा।
भविष्य की चुनौतियों से निपटने की क्षमता
उन्होंने कहा कि नया मैक जटिल एवं परस्पर जुड़ी हुई मौजूदा राष्ट्रीय चुनौतियों से निपटने में सभी एजेंसियों के प्रयासों को एक निर्बाध व इंटीग्रेटेड प्लेटफार्म प्रदान करेगा और उनके बीच समन्वय भी स्थापित करेगा। इसे भविष्य की चुनौतियों से निपटने की क्षमता से युक्त किया गया है।
अमित शाह ने कहा कि विभिन्न एजेंसियों के पास अलग-अलग पड़े हुए सूचनाओं के डाटाबेस को इस प्लेटफार्म से जोड़ना होगा। इससे बड़ी मात्रा में मौजूद डाटा का विश्लेषण कर समस्याओं से निपटने की रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।
मैक नेटवर्क पर उपलब्ध डाटा विश्लेषण की गुणवत्ता ज्यादा बेहतर होगी
शाह के अनुसार, मैक नेटवर्क पर उपलब्ध डाटा विश्लेषण की गुणवत्ता ज्यादा बेहतर होगी और इससे समस्या का पैटर्न व ट्रेंड समझने में मदद मिलेगी। सटीक जानकारी के आधार पर समस्या के हॉटस्पाट की मैपिंग और उसके टाइमलाइन का विश्लेषण किया जा सकेगा। इससे समस्या का अनुमान लगाने के साथ ही उससे निपटने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि नया नेटवर्क संगठित अपराध से जुड़े आतंकी इकोसिस्टम को ध्वस्त करने में दूरगामी प्रभाव वाला साबित होगा।ध्यान देने की बात है कि कारगिल घुसपैठ के बाद 2001 में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय के लिए खुफिया ब्यूरो के अधीन मैक की स्थापना की गई थी।
नए स्वरूप में मैक का नेटवर्क पूरे देश में फैला
अमित शाह ने कहा कि नए स्वरूप में मैक का नेटवर्क पूरे देश में फैला है, जिसमें द्वीपों से लेकर उग्रवाद प्रभावित इलाके और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्र भी शामिल हैं। एक सुरक्षित नेटवर्क के माध्यम से इस नेटवर्क पर दूरदराज के जिलों में बैठे पुलिस अधीक्षक (एसपी) तक को कनेक्टिविटी दी गई है।

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