नियमितीकरण की मांग कर रहे संविदा व दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया
बिलासपुर। दैनिक वेतनभोगी और संविदा कर्मचारियों ने नियमितिकरण की मांग को लेकर दायर याचिका की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने राज्य शासन काो नोटिस जारी कर याचिकाकर्ताओं को नियमित करने का आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने इसके लिए 60 दिन की तिथि तय कर दी है।
योजना एवं सांख्यिकी विभाग कांकेर एवं रायपुर में संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कार्यरत बृहस्पति त्रिपाठी, राजकुमार चोपड़ा, सनत कुमार और कन्हैयालाल मानिकपुरी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका के अनुसार वे सभी नियमित कर्मचारियों के विरुद्ध संविदा व दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। वे सभी नियमित कर्मचारियों के लिए तय की गई अर्हता के अलावा अनुभव व योग्यता भी रखते हैं। दोनों विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि वे सभी बीते 10 वर्षों से अधिक समय से काम कर रहे हैं। पर्याप्त अनुभव रखने के साथ ही सर्विस रिकार्ड भी बेहतर है।
याचिका की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु के सिंगल बेंच में हुई। मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस गुरु ने राज्य शासन को नोटिस जारी याचिकाकर्ता कर्मचारियों को नियमित करने का आदेश जारी किया है। नियमाें व प्रक्रिया के पालन के लिए कोर्ट ने राज्य शासन को 60 दिन का समय दिया है।

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