कब है बुद्ध पूर्णिमा? इस दिन करें यह उपाय, मिलेगा कई गुना अधिक फल, जानें महत्व, शुभ मुहूर्त समेत सबकुछ
वैदिक पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को बुद्ध पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था, जिन्हें विष्णु का भी अवतार माना जाता है. बुद्ध पूर्णिमा का महत्व केवल उनके जन्म तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इस दिन बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए यह दिन बेहद खास माना जाता है. इस दिन को ज्ञान तप और करुणा के आभास का प्रतीक भी माना जाता है, तो चलिए इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं, आखिर कब है बुद्ध पूर्णिमा. क्या है शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व.
दरअसल अयोध्या के ज्योतिषी पंडित कल्कि राम बताते हैं कि हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि 11 तारीख को रात्रि 8:01 से शुरू होकर 12 मई को रात 10:25 तक समाप्त होगा. उदया तिथि के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा का पर्व 12 मई दिन सोमवार को मनाया जाएगा. इस दिन भगवान गौतम बुद्ध की 2587 वी जयंती मनाई जाएगी. इसके अलावा इस दिन कई शुभ संयोग का निर्माण भी हो रहा है जिसमें वारियां योग रवि योग के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है इस योग में पवित्र नदियों में स्नान करने का कई गुना फल प्राप्त होगा.
बुद्ध पूर्णिमा का पर्व हिन्दू और बौद्ध दोनों ही धर्मों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है इस दिन न केवल भगवान गौतम बुद्ध का जन्मदिन है, बल्कि इसी दिन उन्हें सत्य का ज्ञान भी प्राप्त हुआ था शायद यही वजह है कि बौद्ध धर्म के अनुयायी इस दिन को भगवान बुद्ध द्वारा दिखाए गए जीवन के सत्य और उनके धर्म के उपदेशों का पालन करने के रूप में मनाते हैं.

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