भारत में लोकल विनिर्माण पर ध्यान केंद्रित करेगी एचपी, अप्रैल से भारत में नोटबुक उत्पादन शुरू होगा
नई दिल्ली। ह्यूलट-पैकार्ड (एचपी) के सीईओ एनरिक लोरेस ने भारत में कंपनी की बढ़ती उपस्थिति और विस्तार की योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि एचपी भारत में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीति अपना रही है। इसमें स्थानीय विनिर्माण के साथ-साथ भारतीय इंजीनियरों को सॉफ्टवेयर विकास में शामिल करना शामिल है, ताकि कंपनी अपने उत्पादों में उन्नत तकनीकी सुविधाएं जोड़ सके।
लोरेस ने कहा, भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा देश है जहां हमारे सबसे अधिक कर्मचारी हैं, जिनमें बड़ी संख्या में सॉफ्टवेयर इंजीनियर शामिल हैं। हम इनकी विशेषज्ञता का उपयोग अपने उत्पादों को और अधिक अत्याधुनिक बनाने में करेंगे। उन्होंने बताया कि भारत पहले ही एचपी के लिए एक प्रमुख पीसी बाजार बन चुका है। इंटरनेशनल डेटा कॉरपोरेशन (आईडीसी) की रिपोर्ट के अनुसार, एचपी भारत में सबसे बड़ी पीसी निर्माता कंपनी बनी हुई है। पिछले साल के अंत में, एचपी ने मेक इन इंडिया पहल के तहत डिक्सन टेक्नोलॉजीज को अपने लैपटॉप और डेस्कटॉप के निर्माण का ऑर्डर दिया था। इसका उद्देश्य उत्पादों की कीमत को कम करना और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना है। लोरेस ने कहा, हम अप्रैल से भारत में नोटबुक निर्माण शुरू करने जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाना है ताकि उपभोक्ताओं को किफायती और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध कराए जा सकें।
अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के कारण कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां चीन से अपने उत्पादन को अन्य देशों में स्थानांतरित करने पर विचार कर रही हैं। एचपी भी इस दिशा में कदम बढ़ा रही है, क्योंकि कंपनी को अमेरिकी प्रशासन द्वारा चीनी उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ का सामना करना पड़ा है। भारत में उत्पादन बढ़ाने से एचपी को न केवल लागत कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि उसे एक बड़े उपभोक्ता बाजार तक भी पहुंच मिलेगी। भारत में स्मार्टफोन की तुलना में पीसी की पहुंच अभी भी सीमित है, जिससे एचपी जैसी कंपनियों को बाजार विस्तार का बेहतरीन अवसर मिल रहा है। इसके अलावा, एचपी अपने पीसी में बिल्ट-इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सुविधाएं जोड़ने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे वे कॉरपोरेट कंपनियों और छोटे व्यवसायों के लिए अधिक उपयोगी बन सकें।
कंपनी का मानना है कि भारत में एआई आधारित पीसी की मांग तेजी से बढ़ेगी। लोरेस ने बताया कि एचपी स्थानीय रूप से विकसित एआई मॉडल को अपने उत्पादों में शामिल करने की योजना बना रही है। उन्होंने उदाहरण दिया कि कंपनी स्पेन और सऊदी अरब में स्थानीय विश्वविद्यालयों और सरकारी संगठनों के साथ मिलकर स्पेनिश और अरबी भाषाओं के लिए एआई मॉडल विकसित कर रही है। इसी तरह के प्रयास भारत में भी किए जाएंगे। एचपी का लक्ष्य सिर्फ स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि भारतीय इंजीनियरों की प्रतिभा का उपयोग कर सॉफ्टवेयर विकास को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। कंपनी का मानना है कि भारतीय बाजार में उसकी वृद्धि की अपार संभावनाएं हैं और आने वाले वर्षों में वह इस क्षेत्र में और अधिक निवेश करेगी।

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