डीएमके सांसदों को संबोधित कर शिवराज का बयान, हम सब भारत मां के लाल, भेदभाव का कहां सवाल
नई दिल्ली । द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) और भाजपा के बीच वार-पलटवार के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा दावा किया है। केंद्रीय मंत्री शिवराज ने कहा कि मैं खुद दो बार तमिलनाडु जाकर आया हूं, एक बार कृषि विभाग के काम से और एक बार ग्रामीण विकास के काम से गया हूं। लेकिन दुखद यह हैं कि दोनों ही मौकों पर न ग्रामीण विकास मंत्री और न ही कृषि मंत्री मेरी बैठक में पहुंचे। मैं अनुरोध करना चाहूंगा कि केंद्र लाभ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्रीय मंत्री ने संसद को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं करती है। संसद में मंत्री शिवराज ने इतना तक कहा कि कोई नाम शेष है, तब हमें बताए, मैं खुद वहां चला जाउंगा। उन्होंने कहा कि हम सब भारत मां के लाल, भेदभाव का कहां सवाल। उन्होंने कहा कि हम तमिलनाडु के महान लोगों को सलाम करते हैं, तमिल संस्कृति को सलाम करते हैं, तमिल भाषा को सलाम करते हैं, हम सभी भारत माता के बेटे हैं, भेदभाव का कोई सवाल ही नहीं है। हम विनम्रता के साथ तमिलनाडु के लोगों और किसानों की सेवा करने को तैयार है।
पीएम किसान एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसका 100 प्रतिशत वित्तपोषण भारत सरकार द्वारा किया जाता है। 1 दिसंबर, 2018 से लागू इस योजना के तहत सभी भूमिधारक किसान परिवारों को तीन समान किस्तों में 6,000 रुपये की वार्षिक आय सहायता प्रदान की जाती है। राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार सहायता के लिए पात्र किसान परिवारों की पहचान करते हैं।

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