एनएचएआई को मिली लंबित महत्वपूर्ण सड़क की जिम्मेदारी, 6 हजार करोड़ रुपए खर्च कर होगा निर्माण
इंदौर: आखिरकार मप्र के इंदौर शहर में बनने वाले नए बाईपास के पूर्वी हिस्से के लिए निर्माण एजेंसी तय हो गई है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में एनएचएआई ने राज्य सरकार के साथ एमओयू साइन किए थे। इसमें नया बाईपास भी शामिल था। यह महत्वपूर्ण सड़क एमपीआरडीसी और एनएचएआई के बीच अटकी हुई थी। हालांकि अब इसके निर्माण की जिम्मेदारी एनएचएआई को दी गई है, जिस पर 6 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। मालूम हो कि नए बाईपास की जरूरत को देखते हुए एनएचएआई ने करीब डेढ़ साल पहले नए बाईपास की योजना बनाई थी।
गडकरी के हस्तक्षेप से रास्ता साफ हुआ
पूर्वी बाईपास को एमपीआरडीसी से बनवाने की कवायद के बाद कुछ नहीं हो सका। पिछले दिनों इंदौर आए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री से कहा था कि अगर केंद्र पैसा लगाने को तैयार है तो राज्य को खर्च नहीं करना चाहिए। एनएचएआई को पूरा बाईपास बनाने दें। इसके बाद ही मामले में कोई निर्णय हो सकेगा।
6 हजार करोड़ खर्च होंगे
एनएचएआई के परियोजना निदेशक सुमेश बंजल ने बताया कि पूरे बाईपास के निर्माण और अधिग्रहण में करीब 6 हजार करोड़ खर्च होंगे। पश्चिमी रिंग के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। सड़क निर्माण का ठेका अहमदाबाद की एक कंपनी को 996 और 884 करोड़ में दिया गया है। अब नए टेंडर जारी किए जाएंगे।

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