ग्रेनफेल टावर को गिराने की मंजूरी, 2017 अग्निकांड में गई थी 72 लोगों की जान
भयानक अग्निकांड के आठ साल बाद लंदन के ग्रेनफेल टावर को ढहाया जाएगा। ब्रिटेन सरकार ने शुक्रवार को ग्रेनफेल टावर के ढहाने की योजना का एलान किया। 14 जून 2017 की सुबह ग्रेनफेल टावर में भीषण आग लगी थी। इस हादसे में कुल 72 लोगों की जान गई थी। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन में हुआ यह सबसे भयावह अग्निकांड था।
फैसले का हो रहा विरोध
हादसे के आठ साल बाद इमारत को ढहाने के फैसले का विरोध भी हो रहा है। हादसे में अपनों को खोने वाले लोग सरकार के इस निर्णय की आलोचना कर रहे हैं। दरअसल, यह लोग इमारत के जले हुए ढांचे को मृतकों की स्मृति के तौर पर संरक्षित करना चाहते हैं। बता दें कि ग्रेनफेल टावर पश्चिमी लंदन के उत्तरी केंसिंग्टन के पास स्थित है। यह इमारत लगातार त्रासदी की याद दिलाती है।
सावधानीपूर्वक ढहाया जाएगा
मगर सरकार का कहना है कि पुनर्विकास और 24 मंजिला इमारत के अवशेषों को हटाने से समुदाय को राहत मिलेगी। सरकार नेकहा है कि ग्रेनफेल टावर को सावधानीपूर्वक ढहाया जाएगा।
कई कारणों से लगी आग
हादसे की लंबी जांच चली। यह तथ्य सामने आया है कि इसके पीछे एक नहीं बल्कि कई कारण थे। भ्रष्ट कंपनियों, कमजोर विनियमन और लापरवाह सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से यह हादसा हुआ था। जांच से यह निष्कर्ष निकला कि सरकार, नियामकों और उद्योग की दशकों की विफलताओं ने इमारत को मौत के जाल में बदल दिया था।
14 जून 2017 को इमारत की चौथी मंजिल पर स्थित अपार्टमेंट में रखे एक छोटे रेफ्रिजरेटर से आग लगी थी। देखते ही देखते इसने विकराल रूप धारण कर लिया था। हादसे में 72 लोगों की जान गई थी।

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