खजराना गणेश मंदिर में बैग एटीएम, सिर्फ 10 रुपए में कपड़े का थैला, प्लास्टिक अलविदा
इंदौर: प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए नगर निगम द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और इसी क्रम में छप्पन दुकान सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर झोला एटीएम लगाए गए। अब प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर परिसर में भी यह सुविधा उपलब्ध करा दी गई है, जहां मात्र 10 रुपए का सिक्का डालने पर कपड़े का थैला प्राप्त होगा। नगर निगम, जन लघु बैंक संस्था सारथी और श्री साईं इंटरप्राइजेज के संयुक्त प्रयास से यह पहल की गई है। इस अवसर पर प्लास्टिक नहीं विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया। इस मंदिर परिसर में कुल सात झोला एटीएम मशीनें लगाई गई हैं।
यहां फूलों से बनती है खाद
खजराना गणेश मंदिर में पर्यावरण संरक्षण के लिए पहले भी कई पहल की गई हैं, जिसमें फूलों से खाद बनाने से लेकर स्वच्छता को बढ़ावा देने जैसी योजनाएं शामिल थीं। अब बैंक के सहयोग से झोला एटीएम मशीनें लगाई गई हैं, क्योंकि मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आते हैं, जो प्रसाद और पूजन सामग्री के लिए प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग करते हैं। इस झोला एटीएम की सुविधा से अब श्रद्धालु आसानी से 10 रुपए का सिक्का डालकर कपड़े का थैला प्राप्त कर सकेंगे, जिससे प्लास्टिक का उपयोग कम करने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्लास्टिक के उपयोग को पूर्णतया समाप्त करने का संकल्प लिया। इस महत्वपूर्ण पहल में बैंक के राष्ट्रीय प्रमुख एवं अध्यक्ष श्रीनिवास मूर्ति, क्षेत्रीय प्रबंधक बालकृष्ण मिश्रा, क्षेत्रीय प्रमुख कुणाल कुशवाह, खजराना गणेश मंदिर के अशोक भट्ट, पार्षद पुष्पेंद्र पाटीदार, स्वास्थ्य अधिकारी राजेश जायसवाल, जोनल अधिकारी शैलेंद्र मिश्रा, कार्यक्रम आयोजक संस्था सारथी एवं श्री साईं इंटरप्राइजेज के संस्थापक हेमंत शिंदे सहित बड़ी संख्या में आम नागरिक एवं श्रद्धालु मौजूद थे।
स्वच्छता के लिए इंदौर कर रहा है नए प्रयोग
स्वच्छता के मामले में इंदौर लगातार नंबर वन रहा है और शहर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए इस तरह के नए प्रयोग किए जा रहे हैं। कुछ वर्ष पूर्व सरकार ने प्लास्टिक थैलियों पर प्रतिबंध लगाया था, जिसके बाद नगर निगम ने शहर के प्रमुख बाजारों एवं मुख्य स्थानों पर झोला एटीएम की व्यवस्था की थी। यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि ज़्यादातर लोग घर से बाहर निकलते समय अपने साथ कपड़े का थैला या थैली नहीं रखते हैं, जिसके कारण उन्हें प्लास्टिक की थैलियों का इस्तेमाल करने पर मजबूर होना पड़ता है। इस नई सुविधा से लोगों को कपड़े के थैले आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे प्लास्टिक का इस्तेमाल कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

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